92 वर्षीय दिग्गज गायिका आशा भोसले को शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल वह आईसीयू में हैं, जहां डॉक्टरों की एक पूरी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रशासन और परिवार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
पोती जनाई ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
आशा भोसले की पोती और उभरती गायिका जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस खबर की जानकारी दी। जनाई ने बताया कि आशा ताई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। जनाई अपनी दादी के बेहद करीब हैं और दोनों ने कई बार साथ मिलकर मंच पर भी परफॉर्म किया है। इस पोस्ट के बाद से ही सोशल मीडिया पर फैंस की दुआओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
कैसे हुई तबीयत खराब?
शनिवार की सुबह अचानक आशा भोसले की तबीयत बिगड़ी और उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। इसके बाद परिवार ने तुरंत उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में पहुंचाया। उनकी हालत को नाजुक बताया जा रहा है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
9 साल की उम्र में थाम लिया था संगीत का दामन
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। जब वह महज 9 साल की थीं, तभी उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने के लिए आशा ताई ने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ उसी छोटी सी उम्र में गाना और अभिनय शुरू कर दिया। जिंदगी की इस कठिन शुरुआत ने उन्हें टूटने नहीं दिया, बल्कि उनकी आवाज को और मजबूत बनाया।
12,000 गाने और गिनीज बुक में नाम
आशा भोसले ने अपने आठ दशकों से अधिक के करियर में 20 से ज्यादा भारतीय और विदेशी भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने गाए हैं। साल 2011 में उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में संगीत इतिहास में सबसे अधिक स्टूडियो रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में दर्ज हुआ। ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ और ‘इन आंखों की मस्ती’ जैसे अनगिनत गाने उन्हें संगीत की दुनिया में अमर बनाते हैं।
पुरस्कारों से सजी है विरासत
आशा भोसले को उनके अद्वितीय योगदान के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, सात फिल्मफेयर अवॉर्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। साल 2000 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया और 2008 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया। ग्रैमी अवॉर्ड के लिए भी वह दो बार नामांकित हो चुकी हैं।
फैंस और फिल्म जगत की दुआएं
आशा भोसले की तबीयत की खबर आते ही देशभर में उनके करोड़ों चाहने वालों में चिंता की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर बॉलीवुड हस्तियों और आम लोगों की दुआओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ‘आशा ताई’ के नाम से प्यार से बुलाई जाने वाली इस फनकारा ने अपनी आवाज से पीढ़ी-दर-पीढ़ी करोड़ों दिलों को छुआ है। अब सवाल यह है कि उनकी सेहत में जल्द सुधार की खबर कब आएगी?
