दिल्ली

चीनी नागरिक की गिरफ्तारी से दिल्ली शाहदरा में 100 करोड़ की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

दिल्ली, शाहदरा: दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शाहदरा क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी और उसके सहयोगी फर्जी कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

दिल्ली के शाहदरा पुलिस ने एक चीनी नागरिक फेंग चेनजिन को 100 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। यह ठगी व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर की गई थी। आरोपी ने कई बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का उपयोग करके यह घोटाला किया। पुलिस ने मोबाइल फोन और व्हाट्सएप चैट जैसे सबूत बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी पहले ताइवानी कंपनी के लिए वर्क वीजा पर भारत आया था।


जालसाजी का जाल: नकली कंपनियों का इस्तेमाल

इस धोखाधड़ी नेटवर्क में शामिल चीनी नागरिक ने भारत में कई डमी कंपनियां पंजीकृत कराईं, जो वित्तीय लेन-देन के लिए प्लेटफॉर्म मुहैया कराती थीं। इन कंपनियों के नाम पर विभिन्न ऋण ऐप्स का संचालन किया गया, जिनके जरिए पीड़ितों से मनमानी वसूली की जाती थी।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 17 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। इन संपत्तियों में नकदी, बैंक खातों और अचल संपत्तियों को शामिल किया गया है। ईडी ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी और उसके सहयोगी ई-कचरे के अवैध व्यापार में भी शामिल थे।


पुलिस के सामने चुनौतियां

इस बड़े घोटाले की जांच में कई बाधाएं आईं।

  1. आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए विदेशी नंबरों और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया।
  2. लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद वह फर्जी पहचान और अन्य वाहनों का इस्तेमाल कर यात्रा करता रहा।
  3. गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने आरोपी को देश छोड़ने से रोकने के लिए उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया है।

अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भारत में नेटवर्क

यह मामला भारत में अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों की गहराई को उजागर करता है। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी ने 2014 से 2024 के बीच शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर धनशोधन किया और कर चोरी की।

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प्रमुख तथ्य

  • गिरोह ने डिजिटल ऋण सेवाओं के नाम पर धोखाधड़ी की।
  • नकली कंपनियों और ऐप्स का उपयोग कर पैसा कमाया।
  • ईडी ने अब तक आरोपी की 17 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की।


सरकार और एजेंसियों की प्रतिक्रिया

पुलिस और ईडी ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए इसे एक बड़ी सफलता बताया है। एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह के वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी की जाएगी।

यह घटना भारत में बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर चिंता का विषय बन गई है और इसने प्रशासन को पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।

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