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दिल्ली बंद: आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता में दिल्ली के व्यापारी संगठनों का बड़ा फैसला, 25 अप्रैल को कई प्रमुख बाजार रहेंगे बंदकिनारी बाजार, करोलबाग, सरोजिनी नगर और गांधी नगर के व्यापारियों ने दिया पूर्ण समर्थन

नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2025, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए अमानवीय आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस नृशंस हत्याकांड में मासूम नागरिकों की जान जाने से देशभर में आक्रोश फैल गया है। इसी संदर्भ में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई बड़े व्यापारिक संगठनों और बाजारों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए 25 अप्रैल 2025 को ‘दिल्ली बंद’ की घोषणा की है। यह बंद केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि देश की सुरक्षा के प्रति एक चेतावनी और संकल्प है कि अब आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अभियान में सबसे पहला और सशक्त समर्थन चांदनी चौक के प्रसिद्ध किनारी बाजार की ओर से सामने आया है। गोटा जरी वेलफेयर एसोसिएशन (रजि.), जो इस क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक संगठन में से एक है, ने एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर घोषणा की कि 25 अप्रैल को किनारी बाजार की सभी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। संगठन के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार जैन और महासचिव श्री मुकेश जैन ने हस्ताक्षरित बयान में कहा:

“अब वक्त आ गया है कि व्यापारिक समुदाय भी देश की सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी ज़िम्मेदारी निभाए। यह बंद केवल हमारे गुस्से की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि सरकार को यह बताने का प्रयास है कि अब आतंकवाद पर कठोर और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है।”

अन्य बाजार भी साथ में

किनारी बाजार के इस कदम का असर तेजी से अन्य प्रमुख बाजारों पर भी देखने को मिला है। करोलबाग व्यापार संघ, सरोजिनी नगर मार्केट एसोसिएशन, और गांधी नगर होलसेल मार्केट यूनियन सहित कई संगठनों ने इस बंद को आंशिक से लेकर पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

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करोलबाग व्यापार संघ के अध्यक्ष ने कहा:

“हम पूरी तरह से किनारी बाजार एसोसिएशन के निर्णय के साथ हैं। करोलबाग की कई दुकानें बंद रहेंगी और बाकी व्यापारी अपने-अपने स्तर पर विरोध व्यक्त करेंगे।”

वहीं, सरोजिनी नगर बाजार, जो देशभर में फैशन और फुटवियर के लिए प्रसिद्ध है, वहाँ भी दुकानदारों ने मानवता के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है। बाजार में ग्राहकों की संख्या आम दिनों में बहुत अधिक होती है, परंतु 25 अप्रैल को व्यापारियों ने एकजुट होकर बंद का समर्थन करने की घोषणा की है।

गांधी नगर, जो एशिया की सबसे बड़ी टेक्सटाइल मार्केट में शुमार होती है, वहाँ भी व्यापारी इस मुद्दे को लेकर भावुक नजर आए। वहाँ के व्यापार संघ ने कहा:

“हम हर उस कदम के साथ हैं जो आतंकवाद के खिलाफ उठाया जा रहा है। भले ही कुछ दुकानें खुली रहें, पर अधिकांश व्यापारी शांतिपूर्ण विरोध में हिस्सा लेंगे।”

दिल्ली के व्यापारी दिखा रहे राष्ट्रीय एकजुटता

दिल्ली के इन बड़े बाजारों द्वारा उठाया गया यह कदम पूरे देश को एक स्पष्ट संदेश देता है — कि देश की सुरक्षा सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग, हर व्यक्ति और हर व्यापारी की भी है। यह बंद सिर्फ व्यवसायिक नुकसान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा का प्रतीक बन गया है।

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व्यापारियों की अपील:

सभी संगठनों ने दिल्ली के नागरिकों से अपील की है कि इस विरोध को समझें और 25 अप्रैल को संयम बरतें। बाजारों में ना जाएं, और देश के लिए इस शांतिपूर्ण विरोध को समर्थन दें।

निष्कर्ष

यह दिल्ली बंद एक ऐतिहासिक मिसाल बन सकता है यदि पूरे शहर और देश से लोग इसमें सहभागिता दिखाएं। आतंकवाद जैसी घटनाओं के विरुद्ध यह कदम एकजुटता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह समय है जब पूरा देश एक साथ खड़ा हो और आतंक के खिलाफ सशक्त संदेश दे।

जय हिन्द, जय भारत

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