साकेत मकान हादसा: अचानक ढही इमारत, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी, NDRF मौके पर

साकेत बिल्डिंग ढही

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। साकेत मकान हादसा उस समय हुआ जब एक बहुमंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।

तेज धमाके के बाद ढही इमारत

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे से ठीक पहले एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत धराशायी हो गई और आसपास धूल का गुबार छा गया। लोगों को कुछ समझ में आता उससे पहले ही मकान मलबे में तब्दील हो चुका था।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और तुरंत पुलिस तथा आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई।

साकेत मकान हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भेजा जा रहा है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना से जुड़ी मुख्य बातें

विवरणजानकारी
घटना स्थलसाकेत, दक्षिण दिल्ली
घटनामकान अचानक ढहा
संभावित प्रभावितकई लोगों के दबे होने की आशंका
राहत कार्यNDRF, पुलिस और दमकल विभाग सक्रिय
घायलों की स्थितिअस्पताल में भर्ती
जांचकारणों की जांच जारी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई डरावनी कहानी

घटना स्थल के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया,

“हम घर के अंदर थे। अचानक बहुत तेज आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो पड़ोस का मकान पूरी तरह गिर चुका था। चारों तरफ धूल और चीख-पुकार थी। ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा।”

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों की तलाश जारी है।

क्यों हुआ साकेत मकान हादसा?

फिलहाल इमारत गिरने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि शुरुआती आशंका है कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि संरचनात्मक कमजोरी या रखरखाव में लापरवाही इस हादसे की वजह बन सकती है।

नगर निगम के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि भवन की स्थिति और निर्माण संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा सके।

प्रशासन ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि भवन की हालत कैसी थी और क्या पहले से कोई चेतावनी या शिकायत दर्ज कराई गई थी।

दिल्ली में बढ़ रहे भवन हादसे

यह पहला मामला नहीं है जब दिल्ली में इस तरह की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी वेलकम, बुराड़ी, रोहिणी और सीलमपुर जैसे इलाकों में इमारत गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अनधिकृत निर्माण, खराब निर्माण सामग्री और समय पर मरम्मत न होना ऐसे हादसों के प्रमुख कारण हैं। राजधानी में हजारों पुरानी इमारतें अभी भी जोखिम की स्थिति में हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

सिविल इंजीनियरों का मानना है कि 20 से 30 वर्ष पुरानी इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट होना चाहिए। यदि भवन में दरारें, झुकाव या कमजोर दीवारें दिखाई दें तो तुरंत तकनीकी जांच करानी चाहिए।

ताजा अपडेट

फिलहाल साकेत मकान हादसा मामले में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। NDRF की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, इस खबर को अपडेट किया जाएगा।