फर्जी ट्रैफिक चालान SMS से देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क, दिल्ली पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Delhi Fake Traffic Challan SMS Scam

दिल्ली में साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस ने फर्जी ट्रैफिक चालान SMS के जरिए लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में देशभर से जुड़ी 544 साइबर अपराध शिकायतों, 10 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी और 3,300 से ज्यादा फिशिंग SMS का पता चला है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी आम लोगों को रिवॉर्ड ऐप के जरिए कमाई का लालच देते थे। इस ऐप के इस्तेमाल के दौरान यूजर्स के मोबाइल फोन से उनकी जानकारी के बिना फर्जी SMS भेजे जाते थे। इन संदेशों में ट्रैफिक चालान, डिलीवरी वेरिफिकेशन और रिवॉर्ड रिडेम्पशन से जुड़े लिंक शामिल होते थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को साइबर ठगी के जाल में फंसाने के लिए किया जाता था।

₹1 से ₹3 के लालच में साइबर ठगी का हिस्सा बन रहे थे मोबाइल फोन

जांच में सामने आया कि आरोपी यूजर्स को प्रत्येक रिडेम्पशन पर महज 1 से 3 रुपये का भुगतान करते थे। इसके बदले उनके मोबाइल फोन से अपने आप 9 से 12 तक फर्जी SMS भेजे जाते थे। इस तरीके से आरोपियों ने बड़ी संख्या में आम लोगों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल फिशिंग संदेश फैलाने के लिए किया।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े रिवॉर्ड ऐप के जरिए 41,000 से अधिक यूजर्स जुड़े हुए थे। जांच में महज तीन दिनों के भीतर करीब 2 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है।

₹2.21 लाख की शिकायत से खुला ₹10 करोड़ से ज्यादा की ठगी का मामला

इस पूरे मामले की जांच की शुरुआत 2.21 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी शिकायत के बाद हुई। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को ऐसे कई संदिग्ध लेन-देन और फिशिंग गतिविधियों के संकेत मिले, जिनके तार देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हुए थे।

जांच आगे बढ़ने पर देशभर की 544 NCRP शिकायतों का पता चला। इसके अलावा 3,300 से अधिक फिशिंग SMS और 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई।

कुवैत के बैंक खाते तक पहुंचा ठगी की रकम का लिंक

पुलिस की वित्तीय जांच में ठगी की रकम का एक लिंक कुवैत स्थित बैंक खाते तक पहुंचा। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा कथित तौर पर पेआउट नेटवर्क चलाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों और मनी-म्यूल नेटवर्क का भी खुलासा हुआ।

मनी-म्यूल नेटवर्क में ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके माध्यम से साइबर अपराध से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की जाती है।

मोबाइल फोन से लेकर POS मशीन और बैंक दस्तावेज तक बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें 15 मोबाइल फोन और टैबलेट, 59 डेबिट कार्ड, 52 बैंक पासबुक और चेकबुक, 14 फर्मों की मुहरें, 5 POS मशीनें और 8 QR स्कैनर शामिल हैं।

इसके अलावा पुलिस ने एक कार और सोने की चेन भी बरामद की है।

फर्जी चालान SMS से कैसे बचें?

साइबर अपराधी अक्सर ट्रैफिक चालान के नाम पर लोगों को SMS भेजकर किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे में अनजान लिंक पर क्लिक करने या किसी अनधिकृत वेबसाइट पर बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

ट्रैफिक चालान की जानकारी हमेशा आधिकारिक सरकारी पोर्टल से ही जांचें। किसी भी संदिग्ध संदेश या साइबर ठगी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।