Arunachal Pradesh China Border Tension भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना अब भी जारी है। जुलाई से चली आ रही इस स्थिति की यह पहली आधिकारिक पुष्टि मानी जा रही है। विपक्षी कांग्रेस ने इस बयान के बाद केंद्र सरकार की “चुप्पी” पर सवाल उठाए हैं।
क्या कहा ITBP प्रमुख ने
गुरुवार (22 अक्टूबर) को राजस्थान के अलवर में बल के जवानों को संबोधित करते हुए कपूर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में कई जगहों पर आमना-सामना की स्थिति बनी, जो अब भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में ITBP की “शौर्य कमांडो” टीमों ने शानदार काम किया है।
कपूर के मुताबिक, पूरे बल को नई ट्रेनिंग देने का काम 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि गलवान जैसी स्थितियों से निपटने के लिए सभी अग्रिम सीमा चौकियों तक ज़रूरी उपकरण पहुँचाए जाएंगे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने बल के हथियारों को लगभग 50 साल पुराना बताते हुए उनके आधुनिकीकरण की ज़रूरत भी रेखांकित की। ITBP में करीब 95,000 कर्मी हैं।
अरुणाचल प्रदेश में तनाव की खबरें जुलाई से आ रही थीं और स्थानीय लोग कई जगहों पर आमना-सामना होने की बात कहते रहे हैं। इससे पहले अगस्त में कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि ITBP एलएसी पर तैनाती बढ़ा रही है और नई सीमा चौकियाँ बना रही है। हालाँकि किसी आधिकारिक स्तर पर इसकी विस्तार से पुष्टि नहीं हुई थी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि ITBP प्रमुख ने इन घटनाओं में बल के प्रदर्शन की सराहना की है और यह उचित भी है, लेकिन प्रधानमंत्री और उनके तंत्र की ओर से इस पर “बहरा कर देने वाली चुप्पी” है। उन्होंने सरकार पर चीन के प्रति नरमी बरतने का आरोप भी लगाया।
रमेश ने कहा कि चीन अरुणाचल प्रदेश के कस्बों और जगहों के नाम बदलना जारी रखे हुए है। साथ ही वह ब्रह्मपुत्र नदी पर 60,000 मेगावाट क्षमता का बांध बना रहा है, जो भारत की पारिस्थितिकी और जल सुरक्षा के लिए खतरा है।
सरकार का पक्ष
खबर लिखे जाने तक केंद्र सरकार या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से कपूर के बयान या कांग्रेस के आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। चीन की ओर से भी इस बयान पर कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।
पृष्ठभूमि
भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है, जिसकी निगरानी में ITBP की अहम भूमिका है। चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर दावा करता है और उसे “दक्षिण तिब्बत” कहता है, जबकि भारत इसे अपना अभिन्न अंग बताता है। दोनों देशों के बीच 1962 में युद्ध हुआ था। जून 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद से सीमा पर तनाव बना रहा है। कपूर 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

