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दिल्ली में 110 से अधिक ‘विसर्जन पात्र’ लगाए गए, यमुना को स्वच्छ रखने की पहल

दिल्ली: आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी के विभिन्न वार्डों में 110 से अधिक ‘विसर्जन पात्र’ स्थापित किए गए हैं, जहाँ खंडित मूर्तियों और पूजन सामग्री को श्रद्धापूर्वक जमा किया जाएगा और उनका पर्यावरण-अनुकूल तरीके से निस्तारण किया जाएगा।

यह पहल उस लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करती है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता थी — यमुना नदी में खंडित मूर्तियों और पूजन सामग्री का प्रवाह, जिससे नदी का प्रदूषण बढ़ता रहा है।

सभापुर वार्ड में भी व्यवस्था

सभापुर वार्ड-250 में साढ़े चार पुस्ता मंदिर के पास ‘विसर्जन पात्र’ की व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्रवासियों को धार्मिक सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण का नज़दीकी विकल्प मिल सके।

सभापुर वार्ड-250 के निगम पार्षद, शाहदरा नॉर्थ ईस्ट ज़ोन के डिप्टी चेयरमैन और DDMA उपाध्यक्ष (नार्थ ईस्ट दिल्ली) बृजेश सिंह ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करें।

“मैं क्षेत्रवासियों से विनम्र आग्रह करता हूँ कि खंडित मूर्तियों एवं पूजन सामग्री को यमुना जी में प्रवाहित न करें। इस व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि हमारी आस्था भी बनी रहे और यमुना जी को स्वच्छ एवं निर्मल रखने में हम सभी अपना योगदान दे सकें,” सिंह ने कहा।

यमुना प्रदूषण एक बड़ी चुनौती

यमुना, भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक, दशकों से औद्योगिक कचरे, सीवेज और धार्मिक सामग्री के प्रदूषण से जूझ रही है। त्योहारों के मौसम में प्लास्टर ऑफ पेरिस, सिंथेटिक रंगों और गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बनी मूर्तियों का विसर्जन नदी के पारिस्थितिकी तंत्र पर और दबाव डालता है।

अधिकारियों को उम्मीद है कि ये नए पात्र नदी में जाने वाले कचरे की मात्रा को कम करेंगे और अधिक टिकाऊ धार्मिक प्रथाओं को प्रोत्साहित करेंगे।

‘आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा’

सिंह ने नागरिकों से स्वच्छता में सहयोग और जागरूकता की अपील की।

“जागरूक बनें, स्वच्छता में सहयोग करें। आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा करें,” उन्होंने कहा।

यह पहल दिल्ली सरकार के उस व्यापक प्रयास को दर्शाती है, जिसमें सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ा जा रहा है — एक ऐसा संतुलन, जिसे अधिकारी शहर के भविष्य के लिए आवश्यक बता रहे हैं।