नई दिल्ली, 27 मार्च – राजधानी के गांधी नगर स्थित कैलाश नगर में एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले बनाए गए वीडियो में कारोबारी ने फाइनेंसर संजीव जैन को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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ब्याज के जाल में फंसा कारोबारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक कारोबारी ने साल 2014 में संजीव जैन से 50,000 रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन समय के साथ यह राशि ब्याज सहित बढ़कर 10 लाख रुपये हो गई। बताया जा रहा है कि कारोबारी ने अब तक लाखों रुपये ब्याज के रूप में चुका दिए थे, फिर भी मूल रकम लगातार बढ़ती रही।
विडियो में बताए कर्ज के कारण
आत्महत्या से पहले कारोबारी ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने कहा कि लगातार बढ़ते कर्ज और मानसिक तनाव के कारण वह यह कदम उठाने को मजबूर हुआ। उसने फाइनेंसर पर जबरदस्ती वसूली करने और धमकाने का भी आरोप लगाया।
पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के मोबाइल से वीडियो बरामद किया गया है, और फाइनेंसर संजीव जैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस संजीव जैन से पूछताछ करेगी और यह जांचेगी कि क्या मामला सूदखोरी से जुड़ा है।
ब्याज बना रही लोगों को शिकार
इस घटना ने एक बार फिर अवैध रूप से ऊंचे ब्याज पर कर्ज देने वाले फाइनेंसरों के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर ऐसे मामलों में कर्जदार बढ़ते कर्ज और प्रताड़ना के चलते मानसिक रूप से टूट जाते हैं।
पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन यह घटना एक बार फिर बताती है कि अनियमित फाइनेंसिंग और सूदखोरी के मामलों पर सख्त नियंत्रण की जरूरत है।