नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च को अनुमति न होने के कारण अवैध करार दिया है। यह मार्च कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित किया जाना है। पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए इस मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।
संसद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली पुलिस ने संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित मार्च को देखते हुए राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, चौबीसों घंटे निगरानी, वाहनों की जांच और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती
सोनम वांगचुक को हाल ही में जंतर-मंतर से स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस बीच उन्होंने अस्पताल से जारी संदेश में समर्थकों से 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद की ओर बिना अनुमति मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन में शामिल होने से बचें। पुलिस का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से अपनी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। इस याचिका पर अदालत में सुनवाई हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
- सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनशन पर थे।
- स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया गया है।
- दिल्ली पुलिस ने मार्च को अनुमति न होने के कारण अवैध बताया है।
- संसद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।

