New UPI transaction rules in India

New UPI transaction rules in India: बड़े भुगतानों पर MDR शुल्क को लेकर सरकार का बड़ा खुलासा, जानें आपकी जेब पर क्या होगा impact

नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट के landscape में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। केंद्र सरकार ने यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्क्रॉर रेट (MDR) को लेकर नई guidelines जारी की हैं, जिसका direct impact उन सभी व्यापारियों और consumers पर पड़ेगा जो 2,000 रुपये से अधिक के transactions करते हैं।

नए नियमों का बड़ा खुलासा

सरकार द्वारा जारी किए गए FAQs (Frequently Asked Questions) के मुताबिक, अब 2,000 रुपये से ऊपर के UPI transactions पर MDR charges लागू किए जा सकते हैं। यह नया प्रवधान ‘नई UPI ट्रांजेक्शन रूल्स इन इंडिया’ के तहत आता है, जिसका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट ecosystem को और सुरक्षित और sustainable बनाना है।

कितना लग सकता है शुल्क?

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, MDR rate 0.40% से लेकर 1% तक हो सकता है। उदाहरण के लिए:

  • 2,000 रुपये के transaction पर: 8 रुपये से 20 रुपये तक
  • 10,000 रुपये के transaction पर: 40 रुपये से 100 रुपये तक
  • 1 लाख रुपये के transaction पर: 400 रुपये से 1,000 रुपये तक

कौन भरेगा यह शुल्क?

सरकारी guidelines के मुताबिक, यह शुल्क merchant (व्यापारी) द्वारा भुका जाएगा, consumer द्वारा नहीं। RBI और NPCI ने clear किया है कि ग्राहकों से UPI transactions पर कोई extra charge नहीं लिया जाएगा।

देश पर impact

भारत में UPI transactions का volume आकाशगामी गति से बढ़ रहा है:

  • 2023-24 में UPI के माध्यम से 131 billion से अधिक transactions हुए
  • transaction value 20 trillion रुपये से अधिक रहा
  • देश में 300 million से अधिक UPI users हैं

व्यापारियों की प्रतिक्रिया

अखिल भारतीय व्यापार संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा, “हम डिजिटल India के समर्थन में हैं, लेकिन छोचे व्यापारियों पर यह अतिरिक्त बोझ सही नहीं है। 2,000 रुपये की limit बहुत कम है।”

सरकार का stance

वित्त मंत्रालय के एक senior official ने कहा, “यह कदद डिजिटल पेमेंट infrastructure को और robust बनाने के लिए है। छोचे merchants को इससे कोई impact नहीं होगा क्योंकि 95% UPI transactions 2,000 रुपये से कम के होते हैं।”

कब से लागू होंगे नए rules?

नए guidelines अभी consultation phase में हैं। final rules आने के बाद 30 days के grace period के बाद लागू किए जाएंगे। सरकार ने stakeholders से feedback मांगे हैं।

consumers के लिए सलाह

  • 2,000 रुपये से कम के transactions पर कोई impact नहीं
  • merchants आपको extra charge नहीं कर सकते
  • किसी भी शिकायत के लिए RBI helpline 14440 पर contact करें

भविष्य की तैयारी

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदद long-term में डिजिटल economy के लिए beneficial होगा, लेकिन implementation में transparency और simplicity पर focus करना होगा।

सरकार ने clear किया है कि final guidelines आने से पहले सभी stakeholders के साथ discussion किया जाएगा और small businesses को कोई undue hardship नहीं होगी।

यह article informational purposes के लिए है। exact rules और regulations के लिए official government websites या financial advisors से consult करें।