दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टैक्सींग के दौरान दो विमानों के पंख टकराए, सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी

Delhi airport per bada hadsa tala

दिल्ली एयरपोर्ट पर आखिर क्या हुआ?

देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जिसने कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर हलचल बढ़ा दी। जानकारी के अनुसार, टैक्सींग के दौरान एक विमान का पंख (विंगलेट) दूसरे विमान से टकरा गया। यह घटना उस समय हुई जब एक विमान पार्किंग स्थान की ओर बढ़ रहा था, जबकि दूसरा विमान अपने निर्धारित स्थान पर खड़ा था और उड़ान की तैयारी में था।

किन विमानों के बीच टक्कर हुई और कैसे हुआ संपर्क?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह टक्कर स्पाइसजेट के बोइंग 737 विमान और आकासा एयर के बोइंग 737 मैक्स विमान के बीच हुई। बताया जा रहा है कि स्पाइसजेट का विमान टैक्सी कर रहा था और उसी दौरान उसका विंगलेट आकासा एयर के खड़े विमान के पिछले हिस्से यानी ऊर्ध्वाधर स्थिर पंख से टकरा गया। यह संपर्क भले ही सीमित था, लेकिन विमानन नियमों के अनुसार इसे गंभीर घटना माना जाता है।

कितना बड़ा हो सकता था हादसा और कैसे टली अनहोनी?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही टक्कर उड़ान भरने या उतरने के दौरान होती, तो परिणाम काफी खतरनाक हो सकते थे। टैक्सींग के दौरान विमानों की गति अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे प्रभाव सीमित रहा और बड़ा हादसा टल गया। फिर भी, इस तरह की घटना यह दिखाती है कि जमीनी संचालन के दौरान भी छोटी सी चूक बड़े जोखिम में बदल सकती है।

यात्रियों में मचा हड़कंप, लेकिन स्थिति नियंत्रण में

टक्कर के बाद दोनों विमानों में मौजूद यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि, केबिन क्रू ने तुरंत स्थिति को संभाला और यात्रियों को शांत रहने के लिए कहा। चालक दल की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की खबर सामने नहीं आई।

जांच और तकनीकी निरीक्षण कैसे शुरू हुआ?

घटना के बाद दोनों विमानों को तुरंत संचालन से अलग कर दिया गया और विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई। नागर विमानन महानिदेशालय ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि जमीनी संचालन, हवाई यातायात नियंत्रण के निर्देश या पायलटों के बीच समन्वय में आखिर कहां चूक हुई।

एयरपोर्ट संचालन पर क्यों उठे सवाल?

दिल्ली एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां हर दिन सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं। ऐसे में जमीनी संचालन, टैक्सी मार्ग की अनुमति और नियंत्रण कक्ष के बीच सटीक समन्वय बेहद जरूरी होता है। इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इन प्रक्रियाओं में कहीं कमी रह गई थी, जिसकी वजह से यह टक्कर हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।