Startup India Seed fund scheme आज के समय में उन युवाओं और नए उद्यमियों के लिए एक बड़ी उम्मीद बन चुकी है, जो अपने बिजनेस आइडिया को हकीकत में बदलना चाहते हैं लेकिन शुरुआती फंड की कमी से जूझ रहे हैं। भारत सरकार की यह योजना खास तौर पर early-stage startups को सपोर्ट करने के लिए बनाई गई है, ताकि आइडिया से लेकर प्रोडक्ट और मार्केट तक का सफर आसान हो सके।
इस लेख में हम आपको Startup India Seed fund scheme की पूरी पृष्ठभूमि, उद्देश्य, पात्रता, फंडिंग प्रक्रिया, फायदे और चुनौतियों के बारे में आसान और साफ हिंदी में समझाएंगे।
Table of Contents
Startup India Seed Fund Scheme क्या है?
Startup India Seed fund scheme (SISFS) को भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) ने लॉन्च किया था। इस योजना की शुरुआत साल 2021 में हुई थी।
इसका मकसद ऐसे स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देना है, जो अभी शुरुआती दौर में हैं और जिनके पास आइडिया तो है, लेकिन उसे प्रोटोटाइप या प्रोडक्ट में बदलने के लिए पैसे नहीं हैं।
सरकार ने इस योजना के लिए कुल ₹945 करोड़ का फंड तय किया है, जिसे पूरे देश में चुने गए इन्क्यूबेटर्स (Incubators) के जरिए स्टार्टअप्स तक पहुंचाया जाता है।
Startup India Seed fund scheme लाने की जरूरत क्यों पड़ी?
भारत में हर साल हजारों स्टार्टअप रजिस्टर होते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि:
- लगभग 80–90% स्टार्टअप शुरुआती 3–5 साल में बंद हो जाते हैं
- सबसे बड़ी वजह होती है funding की कमी
- बैंक बिना गारंटी लोन नहीं देते
- निवेशक (VC/Angel) तब तक पैसा नहीं लगाते, जब तक प्रोडक्ट मार्केट में साबित न हो जाए
इसी “गैप” को भरने के लिए Startup India Seed fund scheme लाई गई, ताकि स्टार्टअप्स शुरुआती मुश्किल दौर पार कर सकें।
Startup India Seed fund scheme के मुख्य उद्देश्य
- नए स्टार्टअप्स को शुरुआती फंडिंग देना
- प्रोटोटाइप और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में मदद
- मार्केट ट्रायल और कमर्शियल लॉन्च को आसान बनाना
- स्टार्टअप्स को आगे निवेश के लिए तैयार करना
- टियर-2 और टियर-3 शहरों में इनोवेशन को बढ़ावा देना
कौन-कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility)
Startup India Seed fund scheme के तहत आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:
स्टार्टअप के लिए शर्तें
- स्टार्टअप DPIIT से मान्यता प्राप्त होना चाहिए
- कंपनी को बने हुए 2 साल से ज्यादा नहीं हुए हों
- बिजनेस आइडिया नया, इनोवेटिव और स्केलेबल होना चाहिए
- टेक्नोलॉजी या इनोवेशन पर आधारित मॉडल हो
- पहले किसी सरकारी योजना से ₹10 लाख से ज्यादा की फंडिंग न मिली हो
- कंपनी में 51% हिस्सेदारी भारतीय प्रमोटर्स की हो
कितनी फंडिंग मिलती है?
| फंडिंग का प्रकार | अधिकतम राशि | उपयोग |
|---|---|---|
| Grant | ₹20 लाख | Idea validation, Prototype |
| Debt / Convertible Debenture | ₹50 लाख | Market entry, Commercialisation |
यह फंडिंग सीधे सरकार नहीं देती, बल्कि इन्क्यूबेटर्स के जरिए दी जाती है।
Startup India Seed fund scheme की प्रक्रिया कैसे काम करती है?
- सरकार योग्य इन्क्यूबेटर्स का चयन करती है
- इन्क्यूबेटर्स स्टार्टअप्स से आवेदन मंगाते हैं
- एक्सपर्ट कमेटी स्टार्टअप्स का मूल्यांकन करती है
- चुने गए स्टार्टअप्स को चरणबद्ध तरीके से फंड मिलता है
- हर चरण में प्रोग्रेस रिपोर्ट देना जरूरी होता है
जमीनी हकीकत: चुनौतियां भी हैं
हालांकि Startup India Seed fund scheme एक मजबूत योजना है, लेकिन कई स्टार्टअप फाउंडर्स कुछ समस्याएं भी बताते हैं:
- आवेदन से फंड मिलने में काफी समय लगना
- सभी इन्क्यूबेटर्स एक्टिव नहीं होते
- छोटे शहरों में जानकारी की कमी
- प्रोसेस कई बार जटिल लगती है
फिर भी, सही गाइडेंस और तैयारी के साथ कई स्टार्टअप्स को इस योजना से बड़ा फायदा मिला है।
सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं?
- भारत में अब तक 1.25 लाख से ज्यादा DPIIT-recognized startups हैं
- सरकार के अनुसार, हजारों स्टार्टअप्स को seed funding से लाभ मिला है
- HealthTech, AgriTech, FinTech और DeepTech सेक्टर में सबसे ज्यादा आवेदन आए हैं
(स्रोत: Startup India Portal, 2025–26) 👉 Startup India Official Portal – https://www.startupindia.gov.in
निष्कर्ष
Startup India Seed fund scheme उन युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है, जो अपने स्टार्टअप आइडिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह योजना कोई “फ्री मनी” नहीं है, बल्कि एक structured और monitored support system है। अगर आपके पास दमदार आइडिया, साफ विजन और सही टीम है, तो यह स्कीम आपके स्टार्टअप को नई उड़ान दे सकती है।
FAQs
Q1. क्या service-based startups भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, अगर उनका मॉडल इनोवेटिव और स्केलेबल है।
Q2. क्या फंडिंग मिलना पक्का है?
नहीं, चयन इन्क्यूबेटर और एक्सपर्ट कमेटी पर निर्भर करता है।
Q3. क्या एक से ज्यादा बार फंड मिल सकता है?
नहीं, एक स्टार्टअप को सीमित फंडिंग ही मिलती है।
