दिल्ली के पूर्वी हिस्से से फूड सेफ्टी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। मयूर विहार फेज 1 इलाके में मोमोज खाने के बाद कम से कम 12 लोग बीमार पड़ गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कुछ स्थानीय लोग और राहगीर एक सड़क किनारे लगाए गए स्टॉल से प्लेन मोमोज खाकर लौटे थे। खाने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें पेट में तेज दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं होने लगीं। हालत बिगड़ने पर सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इसे फूड पॉइजनिंग का मामला बताया।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन कुछ लोगों को कमजोरी और डिहाइड्रेशन के चलते निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है।
घटना की सूचना मिलते ही फूड सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित मोमोज स्टॉल को बंद करवा दिया गया। अधिकारियों ने खाने के सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं, ताकि बीमारी के सही कारण का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में गंदगी, बासी सामग्री या दूषित पानी के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि ऐसे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर नियमित निगरानी नहीं होती, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कुछ निवासियों ने बताया कि यह स्टॉल काफी समय से यहां लग रहा था और सस्ते दाम की वजह से लोगों के बीच लोकप्रिय था।
दिल्ली में यह पहली बार नहीं है जब स्ट्रीट फूड से जुड़ा फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसे केस सामने आ चुके हैं, जो फूड सेफ्टी नियमों के कमजोर पालन को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि खासकर गर्मियों में बाहर का खाना खाते समय साफ-सफाई और ताजगी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह घटना एक चेतावनी है कि स्वाद के साथ-साथ सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
