राजधानी दिल्ली में हर साल आने वाली बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए अब एक बड़ा और ठोस कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के किनारे 4.72 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना न केवल बाढ़ के खतरे को कम करेगी, बल्कि शहर के संवेदनशील इलाकों को स्थायी सुरक्षा भी प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 14 अप्रैल 2026 को इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पिछले कुछ वर्षों में यमुना का जलस्तर लगातार खतरनाक स्तर तक पहुंचता रहा है।
कहां बनेगी यह सुरक्षा दीवार?
यह मजबूत दीवार Ring Road के किनारे मजनू का टीला से पुराने रेलवे ब्रिज तक बनाई जाएगी। यह इलाका हर साल बाढ़ की चपेट में आता रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान होता है।
सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रोजेक्ट को 2027 के मानसून से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि आने वाले वर्षों में बाढ़ का असर न्यूनतम किया जा सके।
किन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा?
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद कई संवेदनशील इलाकों को राहत मिलेगी, जिनमें शामिल हैं:
- सिविल लाइंस
- कश्मीरी गेट
- यमुना बाजार
- मजनू का टीला
ये सभी इलाके निचले स्तर पर स्थित हैं और बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
क्यों जरूरी हो गया यह प्रोजेक्ट?
यमुना नदी का जलस्तर पिछले कुछ सालों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है।
| वर्ष | जलस्तर (मीटर में) |
|---|---|
| 2023 | 208.66 |
| 2025 | 207.48 |
पुराने तटबंध अब कमजोर पड़ चुके हैं और हर साल अस्थायी उपायों से काम चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में एक स्थायी और मजबूत समाधान की जरूरत महसूस की जा रही थी।
क्या होंगे इस प्रोजेक्ट के फायदे?
यह सुरक्षा दीवार कई स्तरों पर लाभ पहुंचाएगी:
- नदी के किनारों का कटाव रुकेगा
- सड़कों और इमारतों को नुकसान से बचाया जा सकेगा
- नदी किनारे कचरा फेंकने पर रोक लगेगी
- यमुना के इकोसिस्टम की सुरक्षा होगी
- बाढ़ के समय लोगों की जान-माल सुरक्षित रहेगी
किस आधार पर तैयार हुआ प्लान?
यह पूरा प्रोजेक्ट Joint Flood Committee की अगस्त 2024 की रिपोर्ट और CWPRS, Pune द्वारा किए गए हाइड्रोलिक स्टडी पर आधारित है। विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखते हुए इस योजना को अंतिम रूप दिया गया है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार का यह कदम सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का ब्लूप्रिंट है। अगर यह योजना समय पर पूरी होती है, तो राजधानी के लाखों लोगों को हर साल बाढ़ के खतरे से राहत मिल सकती है।
👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें DelhiNews18.in के साथ।
