नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच साइबर सेल ने एक बड़े इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की और इस रकम को सुनियोजित तरीके से अलग-अलग बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी के जरिए इधर-उधर किया।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान ₹12.40 लाख की ठगी गई राशि को सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया, जो कई लेयर्ड बैंक अकाउंट्स के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। आगे की पड़ताल में यह भी खुलासा हुआ कि इस रकम को बाद में USDT/क्रिप्टो करेंसी में कन्वर्ट किया गया, जिससे इस फ्रॉड का अंतरराष्ट्रीय डिजिटल लेन-देन से जुड़ाव सामने आया है।
Table of Contents
21 साइबर शिकायतें, ₹2.89 करोड़ से ज्यादा का ट्रेल
साइबर सेल द्वारा की गई विस्तृत और तकनीकी जांच में अब तक 21 साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में कुल ₹2.89 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का ट्रेल उजागर किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर लोगों को फर्जी स्कीम्स में फंसाया और फिर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प ली।
जांच एजेंसियों ने इस मामले में तीन संदिग्ध खाताधारकों को भी BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत बाउंड डाउन किया है, ताकि जांच के दौरान वे फरार न हो सकें और सबूतों से छेड़छाड़ न हो।
क्रिप्टो करेंसी के जरिए रकम छिपाने की कोशिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने ठगी की रकम को पहले कई बैंक खातों में घुमाया और फिर उसे क्रिप्टो करेंसी (USDT) में बदल दिया। यह तरीका आमतौर पर साइबर अपराधी इसलिए अपनाते हैं ताकि पैसे का डिजिटल ट्रेल मिटाया जा सके और जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। हालांकि, साइबर सेल की तकनीकी टीम ने लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए इस नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।
किसके नेतृत्व में हुई कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने किया। कार्रवाई एसीपी अनिल शर्मा के मार्गदर्शन में और डीसीपी श्री आदित्य गौतम की निगरानी में अंजाम दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सफल कार्रवाई के लिए साइबर सेल की टीम की सराहना की और कहा कि चाहे साइबर अपराध कितना भी जटिल और तकनीकी क्यों न हो, अपराधियों को कानून के शिकंजे से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस की जनता से अपील
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। अगर कोई भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या निवेश ऑफर मिले, तो तुरंत इसकी सूचना साइबर सेल या 1930 साइबर हेल्पलाइन पर दें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि समय पर दी गई सूचना से न केवल ठगी की रकम को रोका जा सकता है, बल्कि अपराधियों तक पहुंचना भी आसान हो जाता है।
निष्कर्ष
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाले फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। लालच में आकर बिना जांच के निवेश करना लोगों को भारी नुकसान में डाल सकता है। दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि डिजिटल दुनिया में भी कानून की नजर हर गतिविधि पर बनी हुई है।
