नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने एक बेहद चतुराई और व्यापक अभियान चलाकर एक बड़े पैन-इंडिया साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क को उजागर किया है। इस नेटवर्क ने देश भर के लोगों को नकली ऑनलाइन ट्रेडिंग के जाल में फंसाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी रकम ठगी है।
इस बड़े मामले में पुलिस ने कोलकाता (पश्चिम बंगाल) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए लोगों को संपर्क करते, उन्हें मनगढ़ंत मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करते और फर्जी ऐप्स के माध्यम से उनकी रकम हड़प लेते थे। धन को छिपाने के लिए म्यूल (छद्म) बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य:
- इस नेटवर्क से 260 से अधिक बैंक खाते, 105 फर्जी कंपनियां जुड़ी पाई गई हैं।
- देश के विभिन्न राज्यों से इससे संबंधित 2,567 से अधिक एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतें दर्ज हैं।
- आरोपियों से 39 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 258 सिम कार्ड के साथ-साथ एटीएम कार्ड, चेकबुक और केवाईसी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
- 19 लाख रुपये की राशि को फ्रीज भी किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में हुई सफल कार्रवाई:
यह जटिल और बहु-राज्यीय कार्रवाई निरीक्षक श्री सतेंद्र खारी के नेतृत्व में, एसीपी श्री रमेश लांबा की निगरानी में और डीसीपी श्री आदित्य गौतम के दिशा-निर्देशन में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। इन अधिकारियों और उनकी पूरी टीम के अथक परिश्व, तकनीकी कौशल और राष्ट्रव्यापी समन्वय ने इस बड़े साइबर अपराध सिंडिकेट को ध्वस्त करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
दिल्ली पुलिस की सराहनीय पहल:
दिल्ली पुलिस की यह शानदार कार्रवाई न केवल साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मचा देने वाली है, बल्कि आम जनता के लिए एक सुरक्षा कवच का काम भी करती है। इससे पुलिस की साइबर अपराधों से निपटने की क्षमता और प्रतिबद्धता का पता चलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में शामिल होने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या https://cybercrime.gov.in पोर्टल पर दें।
निष्कर्ष:
दिल्ली पुलिस की इस सफल और जोखिम भरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारी कानून व्यवस्था की रक्षक ताकतें डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम और सजग हैं। ऐसे जटिल मामलों को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयास सराहनीय और प्रशंसा के योग्य हैं। यह कार्रवाई भविष्य में साइबर अपराध रोकथाम के लिए एक मिसाल बनेगी।
