ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत पलों में से एक होता है परीक्षाओं का खत्म होना। दोस्तों के साथ उस आज़ादी का जश्न मनाना हर छात्र का सपना होता है। लेकिन नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय के चार छात्रों के लिए बुधवार की शाम यह जश्न उनकी जिंदगी का सबसे भयानक दुःस्वप्न बन गया।
सेक्टर 94 में एक खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे ने एक 23 वर्षीय होनहार छात्र की जान ले ली, जबकि उसके तीन दोस्त मौत के मुंह से बाल-बाल बच गए।
खुशी से शुरू हुई शाम, हादसे में बदली
स्थानीय चश्मदीदों के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4 बजे चारों छात्र सेक्टर 94 स्थित इस इलाके में पहुंचे थे। उनके चेहरों पर आखिरी पेपर अच्छे जाने की खुशी साफ झलक रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जश्न के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर शराब का सेवन किया था। इसी बीच उत्साह में आकर एक छात्र नहाने के इरादे से पास ही मौजूद पानी से भरे गहरे गड्ढे में उतर गया। शायद उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि वह पानी की गहराई नहीं, बल्कि मौत की खाई में कदम रख रहा है।
चीख-पुकार और मौत से जद्दोजहद
पानी में उतरते ही छात्र अचानक डूबने लगा। उसकी छटपटाहट देखकर किनारे खड़े दोस्तों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत मदद के लिए चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।
उनकी आवाज़ सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर छात्र को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन गड्ढे की अधिक गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके।
तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महज 10 मिनट के भीतर सेक्टर 126 थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
डेढ़ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, दुखद अंत
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों को बुलाया गया। नोएडा के डीसीपी साद मिया खान के अनुसार, बचाव दल ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
एक स्थानीय व्यक्ति को रस्सी के सहारे गड्ढे में उतारा गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत और कई असफल प्रयासों के बाद आखिरकार छात्र के बेजान शरीर को बाहर निकाला गया। वहीं बाकी तीन छात्रों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अब उठ रहे हैं कई सवाल
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और परिवार को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। डीसीपी खान के मुताबिक, पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि डूबने की असली वजह क्या थी और उस गड्ढे की वास्तविक प्रकृति व गहराई कितनी थी।
हालांकि, यह घटना अपने पीछे कई गंभीर सवाल छोड़ गई है—
- नोएडा जैसे हाई-टेक शहर में यह जानलेवा गड्ढा खुला क्यों छोड़ा गया?
- क्या इस हादसे के लिए केवल छात्रों की लापरवाही जिम्मेदार है?
- या फिर प्रशासन की अनदेखी भी इस मौत की वजह बनी?
जवाब चाहे जो भी हों, लेकिन एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया है, और तीन दोस्तों के ज़हन में यह खौफनाक शाम जिंदगी भर के लिए एक दर्दनाक याद बनकर रह जाएगी।
