नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी खबर new UPI Payment Rules को लेकर है। सोशल मीडिया पर अफवाह है कि UPI पेमेंट अब महंगा हो जाएगा, लेकिन क्या यह सच है? हम आपको बता रहे हैं कि आखिर upi payment rules in india में ऐसा क्या बदला है जो हर यूजर को जानना बेहद जरूरी है। NPCI के नए दिशा-निर्देशों के बाद फरवरी 2026 में यह कन्फ्यूजन सबसे बड़ी चर्चा बनी हुई है ।
आखिर क्या बदल गया? (रिपोर्ट)
क्या हुआ?
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज फीस को लेकर गाइडलाइन साफ की है।
कहां लागू?
यह नियम सिर्फ प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) यानी डिजिटल वॉलेट (PhonePe Wallet, Paytm Wallet, Amazon Pay Wallet) से किए गए पेमेंट पर लागू होगा ।
कब से?
ये नियम पहले से लागू हैं, लेकिन फरवरी 2026 में इसे लेकर जागरूकता बढ़ी है। साथ ही, 15 सितंबर 2026 से कुछ सेक्टर्स में ट्रांजैक्शन लिमिट भी बढ़ाई जा रही है ।
किस पर असर?
सीधा असर मर्चेंट्स (व्यापारियों) पर पड़ेगा, ग्राहकों पर नहीं। बैंक खाते से सीधा UPI पेमेंट करने वालों पर जीरो असर ।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
UPI इकोसिस्टम को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने और वॉलेट कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट रिकवर करने में मदद करना है ।
NEW UPI PAYMENT RULES: आम आदमी को देना होगा पैसा?
नहीं, बिल्कुल नहीं।
अगर आप Google Pay, PhonePe या Paytm खोलकर सीधे अपने बैंक खाते से पेमेंट करते हैं, तो आपको एक पैसे का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। यह नियम केवल उस केस में लागू होता है जब आप वॉलेट बैलेंस (जैसे PhonePe वॉलेट या Paytm वॉलेट) का इस्तेमाल करते हैं और वह भी ₹2000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन में ।
कितना चार्ज और कौन देगा?
- चार्ज की दर: 0.5% से 1.1% तक (कैटेगरी के हिसाब से)
- कौन देगा? यह चार्ज मर्चेंट (दुकानदार/कंपनी) को देना होगा।
- आप पर असर? शून्य। आपके खाते से पूरे पैसे कटेंगे ।
| कैटेगरी | इंटरचेंज फीस (मर्चेंट देगा) |
|---|---|
| पेट्रोल पंप (ईंधन) | 0.50% |
| शिक्षा, कृषि, उपयोगिता | 0.70% |
| सुपरमार्केट/किराना | 0.90% |
| बीमा, म्यूचुअल फंड, सरकारी भुगतान | 1.00% |
| सामान्य रिटेल/ऑनलाइन शॉपिंग | 1.10% |
UPI PAYMENT RULES IN INDIA: अब क्या होगा अलग?
1. वॉलेट से बड़ा पेमेंट होगा ट्रैक
अगर आप PhonePe वॉलेट या Paytm वॉलेट में ₹5000 रखते हैं और उससे मर्चेंट को पेमेंट करते हैं, तो दुकानदार को 1.1% चार्ज देना होगा। आपको नहीं देना ।
2. बढ़ गई ट्रांजैक्शन लिमिट
15 सितंबर 2026 से कुछ खास कैटेगरी में लिमिट बढ़ गई है:
- शिक्षा और अस्पताल: ₹5 लाख प्रति ट्रांजैक्शन
- क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट: ₹5 लाख प्रति ट्रांजैक्शन
- ट्रैवल और ज्वैलरी: ₹5 लाख तक
3. नए यूजर्स के लिए पाबंदी
अगर आपने नया UPI आईडी बनवाया है, तो पहले 24 घंटे में सिर्फ ₹5,000 ट्रांसफर कर सकते हैं। यह फ्रॉड रोकने के लिए है ।
सिक्योरिटी अपडेट: ये गलती मत करना!
❌ बैलेंस चेक करने की सीमा
अब आप एक दिन में सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर सकते हैं। उसके बाद 24 घंटे के लिए ब्लॉक हो जाएगा ।
⏳ ट्रांजैक्शन होगा और तेज
अब UPI पेमेंट ज्यादा से ज्यादा 10 सेकंड में होना चाहिए। पहले यह 30 सेकंड था ।
📱 ऑटो-डिबिट का समय तय
EMI या सब्सक्रिप्शन के ऑटो-पेमेंट अब सिर्फ ऑफ-पीक आवर्स में होंगे, ताकि सिस्टम हैंग न हो ।
आम आदमी के लिए क्यों है यह खबर जरूरी?
भले ही आपको चार्ज नहीं देना, लेकिन इसका असर आपकी कीमतों पर पड़ सकता है। अगर दुकानदार को UPI वॉलेट पेमेंट पर 1.1% चार्ज देना है, तो हो सकता है वह यह बोझ प्रोडक्ट की कीमत बढ़ाकर आप पर डाल दे। इसलिए अगली बार मोलभाव करते समय यह तर्क जरूर देना !
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या Google Pay/PhonePe से पैसे भेजने पर अब चार्ज लगेगा?
नहीं। जब तक आप वॉलेट बैलेंस का इस्तेमाल नहीं कर रहे और राशि ₹2000 से कम है या सीधे बैंक खाते से भुगतान कर रहे हैं, तब तक कोई चार्ज नहीं ।
2. ‘PPI वॉलेट’ और ‘बैंक अकाउंट’ में क्या फर्क है?
बैंक अकाउंट: आपका सेविंग अकाउंट (जहां सरकारी ब्याज मिलता है)।
PPI वॉलेट: ऐप में अलग से पैसे डालकर रखना (जैसे Paytm वॉलेट, PhonePe वॉलेट)। वॉलेट पर कोई ब्याज नहीं मिलता ।
3. क्या मैं वॉलेट का इस्तेमाल बंद कर दूं?
जरूरी नहीं। छोटे भुगतान (₹2000 से कम) के लिए वॉलेट बढ़िया है। बड़े भुगतान के लिए सीधे बैंक खाते का इस्तेमाल करें। इससे मर्चेंट को चार्ज नहीं देना पड़ेगा और आपकी डील भी बची रहेगी ।
हमारी सलाह: अफवाहों से बचें। UPI अभी भी दुनिया का सबसे सस्ता और तेज पेमेंट सिस्टम है। सिर्फ वॉलेट बैलेंस को ₹2000 से कम रखें और सीधे बैंक अकाउंट से पेमेंट करें। डिजिटल इंडिया में आपका पैसा सुरक्षित है, बस समझदारी से चलाएं!
