ताज एक्सप्रेस में लगी आग

ताज एक्सप्रेस में लगी आग: दिल्ली के तुगलकाबाद-ओखला के बीच सभी यात्री सुरक्षित

घटनास्थल का वर्णन

दिल्ली में तुगलकाबाद और ओखला रेलवे स्टेशनों के बीच मंगलवार की सुबह ताज एक्सप्रेस के दो डिब्बों में अचानक आग लगने की खबर ने सभी को चौंका दिया। यह घटना रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकती थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित रहे। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने इस बात की पुष्टि की कि सभी यात्रियों को बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

आग लगने के संभावित कारण

घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर 6 दमकल गाड़ियां भेजी गईं। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट इसकी वजह हो सकती है। रेलवे अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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यात्रियों की आपबीती

ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि जब आग लगी तो अचानक डिब्बों में धुआं भर गया। इस स्थिति में यात्रियों ने तुरंत ही अलार्म बजाया और गार्ड को सूचित किया। ट्रेन को फौरन रोका गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

रेलवे अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया

रेलवे अधिकारियों ने तुरंत हरकत में आते हुए राहत कार्यों की शुरुआत की। डीसीपी रेलवे ने बताया कि किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और राहत कार्यों में मदद की।

ताज एक्सप्रेस का परिचालन

ताज एक्सप्रेस, जो दिल्ली और आगरा के बीच संचालित होती है, एक महत्वपूर्ण ट्रेन सेवा है। इस घटना के बाद ट्रेन के परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन सेवा पुनः शुरू की जाएगी।

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यात्रियों की सुरक्षा के उपाय

इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ट्रेन में आग बुझाने वाले उपकरणों की जांच और अद्यतनीकरण, रेलवे कर्मियों को नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण, और सुरक्षा मानकों के सख्त पालन को प्राथमिकता दी जा रही है।

दमकल विभाग की भूमिका

दमकल विभाग की 6 गाड़ियों ने समय पर पहुंचकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग पर काबू पाने और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी कोशिश की। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आग बुझने के बाद की स्थिति

आग बुझाने के बाद, रेलवे अधिकारियों ने डिब्बों की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी यात्री डिब्बों में फंसा न हो। आग से प्रभावित डिब्बों को हटा दिया गया और ट्रेन को पुनः पटरी पर लाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई। इस घटना के कारण ट्रेन परिचालन में थोड़ी देरी हुई, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो गई।

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रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया

उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन इस घटना की विस्तृत जांच करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यात्रियों की असुविधा के लिए उन्होंने खेद भी व्यक्त किया।

यात्री सुरक्षा में सुधार की योजनाएं

इस घटना के बाद, रेलवे प्रशासन ने यात्री सुरक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई हैं। इनमें ट्रेन के डिब्बों में फायर अलार्म और फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित जांच, रेलवे कर्मियों को आग से बचाव के प्रशिक्षण की व्यवस्था, और यात्रियों को सुरक्षा नियमों के बारे में जागरूक करने के उपाय शामिल हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली के तुगलकाबाद-ओखला के बीच ताज एक्सप्रेस में आग लगने की घटना एक गंभीर परंतु नियंत्रित स्थिति थी। रेलवे और दमकल विभाग की त्वरित और प्रभावी कार्यवाही के कारण सभी यात्री सुरक्षित रहे। यह घटना एक महत्वपूर्ण संकेत है कि रेलवे प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा के लिए और भी अधिक सख्ती से काम करने की आवश्यकता है।

Source: Twitter

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