OYO का बड़ा फैसला, आध्यात्मिक स्थलों में 400 नए होटल खोलेगा

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Pic Source: Twitter handle @IndianTechGuide

दिल्ली: देश भर में आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ ही बजट होटल कंपनी OYO ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने देश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों जैसे अयोध्या, तिरुपति, वाराणसी, कटरा-वैष्णो देवी समेत अन्य जगहों पर साल के अंत तक 400 नए होटल खोलने की घोषणा की है।

OYO के इस कदम को देखते हुए कहा जा रहा है कि कंपनी धार्मिक पर्यटन के बाजार में मजबूत पकड़ बनाना चाहती है। कंपनी का मानना है कि देश में घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है और इसमें आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा योगदान है।

OYO के सीईओ सिरिल सूर्या ने एक बयान में कहा, “हम भारत के आध्यात्मिक केंद्रों में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। हमें विश्वास है कि हमारे नए होटल तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को एक आरामदायक और किफायती अनुभव प्रदान करेंगे।”

सूर्या ने कहा कि कंपनी इन नए होटलों को खोलने के लिए स्थानीय होटल मालिकों के साथ साझेदारी करेगी। ये होटल उन स्थानों के करीब होंगे जहां धार्मिक स्थल स्थित हैं।

कंपनी की यह पहल पर्यटन और रोजगार के लिए लाभदायक

OYO का यह कदम देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा। नए होटल खुलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आध्यात्मिक पर्यटन के बाजार में OYO की यह पहल कंपनी के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।

किन शहरों में खोले जाएंगे नए होटल?

OYO ने जिन शहरों में नए होटल खोलने की घोषणा की है, उनमें अयोध्या, तिरुपति, वाराणसी, कटरा-वैष्णो देवी, हरिद्वार, पुरी, शिरडी, अमृतसर और चार धाम मार्ग शामिल हैं। इन शहरों में से अधिकांश शहर हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल हैं।

अयोध्या में सबसे ज्यादा नए होटल

OYO ने यह भी बताया है कि कंपनी ने सबसे ज्यादा नए होटल अयोध्या में खोलने की योजना बनाई है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने के बाद से यहां पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। कंपनी का मानना है कि अयोध्या में नए होटल खोलने से उसकी अच्छी कमाई होगी।

OYO का यह कदम देश के आध्यात्मिक पर्यटन बाजार में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि कंपनी की यह पहल कितनी सफल होती है।

इस खबर पर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग OYO के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस बात से चिंतित हैं कि इससे आध्यात्मिक स्थलों का व्यापारीकरण हो जाएगा।

आप OYO के इस कदम पर क्या सोचते हैं? हमें कमेंट में जरूर बताएं।